चाहतों में जो रंग था, वह अब फीका पड़ा है,
कभी सोचा था, दूर जाने के बाद तुमसे नफरत करेंगे,
जो कभी साथ थे, अब वो रास्ते भी अकेले हैं,
मोहब्बत है या नशा था जो भी था कमाल का था
अब किसी से क्या शिकायत करें, जब खुदा ही हमसे रूठ गया।
बेवफा नहीं थे हम, पर उसने हमें बेवफा बना दिया, वो भूल गया, हम अब भी उसी के हैं।
खुद को इतना भी मत तोड़ो, कि तुम्हारी ही यादें तुम्हें तकलीफ दें।
लड़कों का दर्द हमेशा छुपा रहता है नज़रों पर।
जिसे अपना समझा, वही बेगाना निकला, जिसके बिना जी नहीं सकते थे, वही छोड़ कर चला गया।
लेकिन अब तुमसे दूर होना और भी मुश्किल हो गया है…!!!
दुख के समय खुशी को Sad Shayari याद करने से बड़ा कोई दुख नहीं है ।” जिसने सबसे गहरा दुख महसूस किया है, वह सर्वोच्च खुशी का अनुभव करने में सक्षम है।” हर आदमी के अपने गुप्त दुख होते हैं, जिन्हें दुनिया नहीं जानती। आँसू दुःख की मूक भाषा हैं।
फिर तुझे ढूंढने मेरी आँख के आँसू निकले.
मोहब्बत अधूरी रह जाए तो दर्द देती है, पर अगर पूरी हो जाए और फिर टूटे, तो जान ही ले लेती है।
Within a environment where emotions usually go unexpressed, न्यू सैड शायरी serves being a poignant reminder of the center’s struggles. For people feeling misplaced or heartbroken, these verses resonate deeply, notably for boys navigating their very own emotional landscapes.